
FCRA Bill (Foreign contribution Act)

आज का एक्सप्लेनर:क्या चर्च-मस्जिद की संपत्ति जब्त होगी, FCRA
बिल पर अमेरिका तक में हंगामा; सरकार दुविधा में, क्या पास करा पाएगी
मित शाह क्यूँ छुपे हुए हैं
‘अमित शाह संसद क्यूँ नहीं आ रहे.
‘अमित शाह ज़वाब क्यूँ नहीं दे रहे..
विदेशी चंदे से जुड़े कानून में सरकार बड़ा बदलाव करने जा रही है। विपक्षी नेताओं के साथ-साथ अमेरिका तक से ऐतराज आ रहा है। अमेरिकी सांसद रिले मूर ने तो कह दिया- ये ईसाइयों पर सीधा हमला है। रिपोर्ट्स हैं कि FCRA संशोधन बिल पर 20 august को पास हो जाएगी
लो जी आ गए अमित shah और साथ मे FCRA नाम का छिला हुआ बांस भी लेकर आए हैं अब ले लो ज़वाब
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार आज संसद में अमित शाह FCRA संशोधन बिल लेकर आ रहे हैं ये बिल पहले ही पास हो चुका है सिर्फ संशोधन करना है जो अगर आज बिल रखा जाएगा तो आज ही clear भी हो जाएगा लेकिन इस संशोधन को पास करना इतना असान भी नहीं था
1कॉंग्रेस इसके विरोध में
2 अमेरिका इसके विरोध में
3 इंग्लैंड इसके विरोध में
4पाकिस्तान इसके विरोध में
5 वामपंथी इसके विरोध में
5 मिशनरी इसके विरोध में
6 NGOs इसके विरोध में
7 चर्च इसके विरोध में
8 सारी देश विरोधी ताकतें इसके विरोध में
आप इसी से अंदाजा लगाया लीजिए कि ये संशोधन देश के लिए कितना जरूरी हैं और इसे पास करना कितना मुश्किल
मुश्किल संसद में संख्या बल को लेकर नहीं मुश्किल इतनी बड़ी ताकतों के इसके विरोध में होने से
पिछले दिनों जंतर-मंतर पर छात्रों के नाम पर जो हंगामा हु वो असल मे इसी बिल के विरोध मे था जिसे छात्रों का नाम दिया गया था
इस बिल मे संशोधन के बाद…
· विदेशी फंडिंग के एक एक पैसे का हिसाब देना होगा.
· सारी फंडिंग दिल्ली के एक ही SBI ब्रांच मे आ सकेगी
· NGO इस फंडिंग से अब सिर्फ 20% अपने पर्सनल इस्तेमाल के लिए खर्च कर सकेंगे जो पहले 50% था.
· जिन NGO का लाइसेंस रद्द होगा उनकी संपत्ति सरकार द्वारा बनाए ट्रस्ट के पास चली जाएगी.
कहने का मतलब है कि विदेश से पैसा अब नहीं आ पाएगा और जब आएगा तो देश हित के लिए ही काम म आएगा और देश मे जो सम्पत्ति बना रखी है वो भी नहीं बचेगी तो हंगामा तो होना ही था हुआ भी बवाल करके देख लिया गाली गलोच करके देख लिया, नंगा नाच करके देख लिया ,जमीन पर लोट गए , लेकिन मोदी-शाह पर को असर नहीं हु संशोधन होकर रहेगा….
दिल थाम कर बैठे है
FCRA बिल पास होने पर हड़कंप क्यों मचा अये जानते है FCRA बिल 2026 में पास होने से बिपछि दल को ठेस पहुंची
उन्हें देश की कानून बेवस्था अच्छा नहीं लगा जिसके चलते सरे बिपक्छी दल
एक हो गए बिदेशी ताकत भी इनके साथ हो
गए जैसे C J P के नेता सोनू वांगचुक ,अभिजीत दीपके ये सभी एक हो गए मामला कुछ और कहनी कुछ
और ही चल रहा था
FCRA का पूरा नाम( विदेशी अंशदान अधिनियम )FOREGIN CONTRIBUTION REGULATION ACT
ये भारत सर्कार का ऐसा कानून है जो देश के गैर सर्कार
संघटनो NGO ट्रस्ट को मिलने वाले विदेशी फण्ड (चंदे या दान )को
नियंत्रित और बिनयमित करता है इसका मुख्य कार्य है बिदेशी धन से
देश की आतंरिक सुरछा
या लोकतान्त्रिक गतिबिधियाँ में बाधा न हो
FCRA मुख्या बिंदु और नियमhttps://khabarred.com/
1 पंजीकार (Registration) ;भारत में किसी भी संस्था या Ngo को बिदेश से चंदा लेने के लिए FCRA के
तहत पंजीकरण करना अति आवासक है
2 उदेस्य ; बिदेशी के गलत पसे को रोकना और वह जांचना की वह पैसा देश
के सामाजिक,आर्थिक सांस्कृतिक कल्याण के कामो में लग रहा है की नहीं
3 राष्ट्रीय सुरकछा :अदि कोई फण्ड बिदेशी भारत की सम्प्रभुता ,एकता या सार्वजनिक हिट के खिलफ इस्तेमाल होता है
तो सर्कार उस पर सख्त करवाई करेगी
4 नया संसोधन : हाल ही में बदलाव को कड़ा किया गया जिसके अनुसार लिसेंसे रद होने या समापत होने पर
NGO की बची हुई सम्पति और फण्ड के प्रबंधन पर सर्कार के कड़ी निगरानी रहती है
